रिश्तों की हंडिया से पक कर निकले हैं हमपर वेहयाई का इल्जाम न लगाना
जय कुमार
कोई बिखर जाता है कोई निखर जाता है संघर्ष की आग का दूर तक असर जाता है
"जय कुमार"