Saturday, 31 December 2016

नवीन वर्ष  की वेला पर हम , यही  कामना  करते है
हो  खुशहाल  हमारा  समाज , यही भावना  भरते है
नव बर्ष में बीज आशा के , अंकुरित होकर जीवन में
महके बाग नये फूलों से , हम  यही  भावना  धरते है

गुजरे बर्ष की विदाई के साथ नव बर्ष का अभिनंदन है
आप सबको हार्दिक शुभकामनायें एवं बधाई !!


Wednesday, 14 December 2016

पेड़ों से पत्ते जो गिरते नहीं
जिंदगानी के दिन फिरते नहीं
पैर धरती पर आते कैंसे
उंचाई से जो गिरते नहीं

"जय कुमार "

Tuesday, 13 December 2016

गांव की यादे भुला ना  पाये
शहर से नैना लडा ना पाये
बहुत बदला  खुदको  हमने
कागजी फूल खिला ना पाये

"जय कुमार "

Monday, 12 December 2016

समुंदर  का  पानी   खारा  न   होता
जमाने  में   दुश्मन  हमारा  न  होता

जीत लेते  हरेक जंग हम  भी अगर
वेहयाई  में   नाम   तुमारा  न   होता

भरोसा न  होता  जो  तुझपर  अगर
आसमां   पर   कोई   तारा  न  होता

पलकों के  नीचे  अश्क छुपते अगर
समुंदर   का  पानी   खारा  न   होता

दिलों की मुहब्बत मरहम बनती गर
हरेक शहर में पागल खाना  न होता

"जय कुमार "

Saturday, 10 December 2016

समुंदर  का  पानी   खारा   क्यों  है
अब  आदमी  बदी से हारा  क्यों है
वक्त  के साथ  बदल  गया  मौसम
कल हमारा था अब तुमारा क्यों है

"जय कुमार "