Wednesday, 22 June 2016

जीवन को सुखी बनाने के लिए कोई सरल रास्ता नहीं होता ,,, आसान रास्ते से चलकर जीवन में मात्र क्षणिक सुख पाया जा सकता है,,, स्वार्थ व वासनाओं से प्रेरित होकर लोग इस रास्ते को अपनाते है ,,,,जो अक्सर अनैतिक असमाजिक होता है ,,,, सत्य पर खरा नहीं उतरता ,,,,

सुखी जीवन के लिए नजर अंदाज करना,,,  बर्दास्त करना एक भयानक भूल होती है ,,, जितना हम बर्दास्त व नजरअंदाज करेगें  समस्या उतनी ही बड़ती जाती है ,,,, इसके हजारो उदाहरण मौजूद है ,, जिंदगी से जुड़ा एक उदाहरण ,,, अगर हम रास्ते से गुजर रहे है ,,, कुछ असामाजिक तत्व किसी महिला को छेड़ रहे है और हम उसे नजरअंदाज करते है तो निश्चित ही हम उन्हे अपनी मां बहिन बेटी व बीबी को छेड़ने का आमंत्रण दे रहे है ,,,, अगर हम   अपनी मां बहिन बेटी या  बीबी के साथ गुजर रहे हो ,,,, और यही असामाजिक तत्व छेड़ते ,,, और आप विरोध न करके बर्दाश्त कर लेते है ,,, तब यह मान लीजिए हमने अपनी मां बहिन बेटी की अस्मत लूटने का उन्हे न्यौता दे दिया है ,,,, बात बहुत कड़वी है लेकिन सत्य के करीब है ,,,,ऐसी हजारों घटनायें मिलेंगी जिससे यह जाहिर होता है ,,, घटनाओं को नजरअंदाज न करें ,,,,बर्दास्त न करें ,,, यह सुखी जीवन का रास्ता कतई नहीं हो सकता !!

"जय कुमार"

Monday, 20 June 2016

बातें

बातें बड़ी बड़ी करे , छोटे जिनके काम !
लार गिराते वो मिले , शेर खान है नाम !!

"जय कुमार"

Thursday, 9 June 2016

मुकद्दर वालों के यहां मेहनत को काम करते देखा है !
मेहनत शेर करता रहा बंदर को नाम करते देखा है !!

जय कुमार

Friday, 3 June 2016

हाइकू

महीना जून
आया न मानसून
तपता खून

"जय कुमार"

Thursday, 2 June 2016

जख्म पर जख्म गहरे लगे हुए हैं
ईमान की बज्म में ,,,,,, ठगे हुए हैं

पराये हमेशा पराये ,,,,,,,,,,, ही रहे
खून बदला ,सगे कब सगे हुए है

"जय कुमार"६/६/१६