Saturday, 16 June 2018

दिल के बदले में दर्दे दिल मिलते हैं
गुलाब  के बागों  में  शूल  पलते  हैं
नजरों  से   मयकशी   करने   वाले
परवाने  ताउम्र  आग  से  जलते  हैं

"जय कुमार "

Monday, 11 June 2018

जिंदगी के  गम भुलाने चला फिर
यादों को जाम पिलाने चला फिर
खुद से मिला नहीं इक जमाने से
खुदको खुद से मिलाने चला फिर

"जय कुमार "

Sunday, 10 June 2018

झूठ को चिल्लाने दो ईमान अभी बाँकी है ।
सच्चाई कहने  को  जुबान  अभी बाँकी है ।
कातिल   हौंसले  पस्त  नहीं  होंगे   हमारे  ,
खून से सने  जिस्म में जान अभी बाँकी है ।।

"जय कुमार"

Friday, 8 June 2018

बियाबानो  से जब  गुजरता हूँ
पहले  से   ज्यादा  संँवरता  हूँ
ताल्लुक है  संघर्ष की आग से
दिनो दिन, मैं और निखरता हूँ

"जय कुमार "09/06/18

Wednesday, 6 June 2018

हम  मंदिर  मस्जिद  में  बैठे  रहे
किसान जब सड़कों पर लेटे रहे
मरे  वो  जालिम  की गोलियों सें
धरती   माता   के  जो   बेटे  रहे

"जय कुमार "७/६/१८

Tuesday, 5 June 2018

हर मर्ज  की दवा रखता हूँ
साथ में, मयकदा रखता हूँ

कोई मिले, भूले न जिंदगी
आदतें कुछ जुदा रखता हूँ

दुश्मन भी  दोस्त बन जाते
यार   ऐंसी  अदा  रखता हूँ

"जय कुमार "06/06/18