Saturday, 17 July 2021

मौत वेवजह

मौत  तो  वेवजह  ही  बदनाम  है
शिकायत तो जिन्दगी से तमाम है

गम बहुत हैं खुशी का  इल्जाम है

Wednesday, 7 July 2021

हर दर्द की जमाने में कहां दवा मिलती है
यार  के  जैसे  कहां  कोई अदा मिलती है
मुद्दते बीत गई झुर्रियों का बसेरा चेहरे पर 
मेरे जह्न से  उसकी  याद  जुदा नहीं होती 

"जय कुमार "