काम धाम सब छोड़ छाड़के
मोबायल पे बतयाऊं लगे
लरका उजारे जाऊं लगे
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ये खोरन से ओ खोरन तक
भरी बजरिया के छोरन तक
घूमे ठलुआ बनके राजा
फटफटिया खो घुमाऊं लगे
लरका उजारे जाऊं लगे
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लाज शरम अब कछु ने आवे
ईलू ईलू खुलके गाबें
राजश्री के पाऊच दवाके
दद्दा सें बतयांऊ लगे
लरका उजारे जाऊं लगे
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काऊ की तो सुनने नइंया
कोनऊ बात गुनने नइंया
कही एक जे मानत नइंया
अपनी अपनी चलाऊं लगे
लरका उजारे जाऊं लगे
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जींस टी सर्ट फोग लगाके
बूटन पे पालस करबाके
सल्लु मियां की अदा दिखाके
छोरि पे जाल बिछाऊं लगे
लरका उजारे जाऊं लगे
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काम धाम सब छोड छाड़के
मोबायल पे बतयाऊं लगे
लरका उजारे जाऊं लगे
"जय कुमार "२६/०६/१७