Sunday, 24 April 2016

खूबसूरत

खूबसूरत सपने,,,,, सजाये हुए है
दिल में अरमान ,,,,,, दवाये हुए है
जिल्लत का जीवन बर्दास्त नहीं
पसीने कि खुशबु में नहाये हुए है

"जय कुमार"२४/०४/१६

Wednesday, 13 April 2016

सैर

ये जिंदगी ,,,,चार दिन की है
ख्वाहिशों की खैर कर लेना

हर छोर छोटा ,,,,,,,,,इंसां को
जमाने की सैर,,, कर लेना

"जय कुमार"

Saturday, 9 April 2016

डगर

कठिन डगर है
जाना,,, मगर है
सपने ,,साकार
करना अगर है

"जय कुमार"

Thursday, 7 April 2016

वजूद

वजूद जिससे वो बोझ लगने लगा है  !
टहनियों को तना अब खलने लगा है !!
उंगली पकड़ चलाया जिस बच्चे को ,
अपने पैरों पर अब वो चलने लगा है !!

"जय कुमार "

Tuesday, 5 April 2016

हिंदु

हिंदु था न वो मुसलमान था
दुश्मन था न वो मेहमान था
सड़क किनारे वो पड़ा मिला
भूख का सताया,,इंसान था

"जय कुमार "०३/०४/१६

Saturday, 2 April 2016

बुढ़ापा

फिजाओं में फैला ,,,,,चारों ओर जहर है
असर  रिश्तों का अब बेहद बेअसर है
बच्चे जवान ,,,,, रिश्तों में बुढ़ापा आया
मौत से बत्तर यह,,,, बुढ़ापे का सफर है

"जय कुमार "२/४/१६