जब तक मैं जलता रहा प्रकाश साथ चलता रहा चिराग जब बुजने लगा खेमा वह बदलता रहा साथ चलने का वादा साये ने था कल किया बादलों के आते ही साथ से निकलता रहा
"जय कुमार "21/09/19
खाई की गहराई नाप वक्त पर पाप किये करले जाप वक्त पर प्यार को जहर से सींचता रहता अभी वक्त है कर विलाप वक्त पर
"जय कुमार "20/09/2019