Wednesday, 30 March 2022

खुद ही खुद

खुद की ही खुद कहानी लिख ले 
जैसा   सीरत  से  वैसा  दिख  ले 
क्यों    चमकीला   रेपर    लगाये  
जितनी  कीमत उसी में  बिक  ले 

"जय कुमार "

Sunday, 13 March 2022

वक्त  के  प्रहार  से 
प्यार  के बुखार से 
बच निकल जा प्यारे 
दो धारी तलवार से 

"जय कुमार "