Monday, 9 December 2019
जिंदगी
Friday, 15 November 2019
Saturday, 21 September 2019
Thursday, 19 September 2019
Tuesday, 27 August 2019
गीत गजलों की भाषा
गीत गजलों की भाषा हूँ
दर्द मजलूम का गाता हूँ
सूख गये आंखों से आंसू
उनका मैं मर्ज सुनाता हूँ
बना बिछोना धरती जिनका
बीच में उनके पाता हूँ
गीत शहनाई के न आते
मजबूरी मन की सुनाता हूँ
घोर निराशा के अंधेरों में
इक आशा दीप जलाता हूँ
जिन्हे जमाने ने धुतकारा
मैं गले उन्हे लगाता हूँ
लहू बहा वतन पर जिनका
उनको मैं शीश झुकाता हूँ
कदम मिलाकर चलने में ही
मैं जय विश्वास जताता हूँ
"जय कुमार
Saturday, 13 July 2019
चल रही इस जिंदगी की
राह कब ये रूठ जाए
बुलबुला पानी का ये जो
जाने कब ये फूट जाए
लोभ के बंधन में बंदकर
लूटते अपने को ही हम
मोह जालों में फंसकर
मारते अपने को ही हम
जाल मकडी से बुने हैं
सांस कब ये टूट जाए
चल रही इस जिंदगी की
राह कब ये रूठ जाए
बुलबुला पानी का ये जो
जाने कब ये फूट जाए
काम का कीड़ा पनपता
तन को करता रोज घायल
प्रेम प्राण तक ना पुहुचा
कान में बजे है पायल
चाह सूरत तक रही जब
आत्मा राह रूठ जाए
चल रही इस जिंदगी की
राह कब ये रूठ जाए
बुलबुला पानी का ये जो
जाने कब ये फूट जाए
"जय कुमार "
Friday, 5 July 2019
Sunday, 30 June 2019
Wednesday, 22 May 2019
Monday, 6 May 2019
Wednesday, 3 April 2019
Thursday, 21 March 2019
रंग रसिया रंग में रंगे, रंग गया रंगरेज़ रे
रंग रसिया रंग में रंगे, रंग गया रंगरेज़ रे
रंगों के इस त्यौहार में, सप्तरंगी रंग भेज रे
जय कुमार
होली की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई आप सबको ।