जब तक जीवन ज्योति मेरे तन मेँ . . .
तेरा चेहरा वसा रहेगा मेरे मन मेँ . . .
मुझसे कब तक दूर रहेगा मेरे जीवन
सूना पड़ा है तेरे बिन यह मेरा आँगन
आजा तू सब बंधन तोड़कर मेरे पास
दोनो मिल गायेंगे मधुर गीत उपवन मेँ . .
बेहोस रहा बदहवास रहा जब तक
तूने खूब साथ निभाया है तब तक
अब खड़ा हुआ हूँ चलने को तेरे साथ
तू अब ना देख पीछे अपने जीवन मेँ . . .
बक्त ने मुझको बहुत खूब समझाया
तेरे प्रेम का हर पल अहसास दिलाया
कर देँगेँ उस चीज को तौबा हम भी
अब मुझको ना छोड़ जीवन वन मेँ . . .
हम साथ एक नया कारवाँ बनायेँगेँ
अपने प्रेम की एक नई रीत चलायेँगेँ
मेरे मन को तू पड़ लेना तेरे मन को हम
तब रुह एक हो जायेँगी इसी जीवन मेँ . . .
"जय कुमार"
तेरा चेहरा वसा रहेगा मेरे मन मेँ . . .
मुझसे कब तक दूर रहेगा मेरे जीवन
सूना पड़ा है तेरे बिन यह मेरा आँगन
आजा तू सब बंधन तोड़कर मेरे पास
दोनो मिल गायेंगे मधुर गीत उपवन मेँ . .
बेहोस रहा बदहवास रहा जब तक
तूने खूब साथ निभाया है तब तक
अब खड़ा हुआ हूँ चलने को तेरे साथ
तू अब ना देख पीछे अपने जीवन मेँ . . .
बक्त ने मुझको बहुत खूब समझाया
तेरे प्रेम का हर पल अहसास दिलाया
कर देँगेँ उस चीज को तौबा हम भी
अब मुझको ना छोड़ जीवन वन मेँ . . .
हम साथ एक नया कारवाँ बनायेँगेँ
अपने प्रेम की एक नई रीत चलायेँगेँ
मेरे मन को तू पड़ लेना तेरे मन को हम
तब रुह एक हो जायेँगी इसी जीवन मेँ . . .
"जय कुमार"