Mere Bhav
Monday, 24 March 2025
ऐसा कोई कार्य नहीं
ऐसा कोई कार्य नहीं जिसमें मानव समर्थ नहीं
शर्तों से मुक्त हो जा जीवन निर्वाहन कोई शर्त नहीं
संघर्षों का जीवन उतना जितना मन स्वीकार करे
निज में प्रसन्न रह न सके ऐसे जीवन का अर्थ नहीं
जय कुमार २५/०३/२०२५
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)