आज सारे देश में एक ही बहस चल रही है कि नोट बंदी सही है या गलत ?
प्रश्न भी बाजिब है , लेकिन किसी नतीजे तक पुहुँचना जल्दबाजी हो सकती है |
किसी भी बदलाव के परिणाम त्वरित नहीं आ सकते , यह एक व्यापक प्रक्रिया होती है |
अभी से सही गलत का निर्णय उचित नहीं ||
हमारे अतीत से एक घटना लेकर अपनी बात रखना चाहता हूँ , सन १९९१ में व्यापक आर्थिक नीतियों में बदलाव व सुधार किये गये वैश्वीकरण, निजिकरण तथा उदारीकरण की नीति अपनाई गई |
तत्कालिक वित्तमंत्री तथा पूर्व गवर्नर रह चुके माननीय मनमोहन सिंह जी ने जब नई आर्थिक नीति की घोषणा की तो विरोधी दलों ने घोर विरोध किया तथा दुष्प्रचार किया गया |
लेकिन धीरे धीरे देश विकास के पथ पर चलने लगा | सन ८० के दशक में देश की विकास दर १.४९ थी वो २००१ आते आते ६.७८ तक पुहुँच गई |
इस विकास दर ने अभूतपूर्व बढत लेते हुए सन २००५ से २००८ तक लगातार तीन बर्ष ९ प्रतिशत विकास दर प्राप्त की |
२०१५ - १६ में यह विकास दर ७.६ है |
अब बात करते है नोट बंदी का फैसला सही है या गलत है इस बात का फैसला भविष्य के गर्व में छुपा है |
कुछ बाते है जो जरूर परेशान कर रहीं है |
आज भी ७० फीसदी से ज्यादा जनसंख्या ग्रामीण है |
क्या सभी ग्रामीण लोगों तक बैंकिंग सुविधा उप्लब्द है ?
क्या सभी ग्रामीण बैंकिग सुविधा का उपयोग करते है ?
क्या पूरा देश एजूकेटेड है ?
क्या सभी एजूकेट परसन इस लायक है कि वह करेंसी लेस व्वहार कर सके ?
क्या सरकार का सर्वे सिर्प उनके कुछ अनुआयी लोगो का सर्वे नही ?
क्या सारा मीडिया सिर्फ शहरो तक सीमित नहीं सिर्फ उनकी ही समस्याओं को दिखा व लिख रहा है ?
क्या गांव के लोगो की परेशानियों का ख्याल रखा गया ?
क्या कुछ असामाजिक लोग गांव के सीधे लोगों के धन का गलत उपयोग नही कर रहे ?
क्या गरीब आदमी की पूंजी का कहीं भी गलत उपयोग नहीं हुआ ?
क्या मध्यम वर्ग व गरीब आदमी ही हर बार की तरह पिस रहा है ?
क्या रोज ८० हजार करोड़ का व्यापार में जो नुकसान हो रहा है जो ४० लाख करोड तक के नुसान पर पुहुँच गया है आगे कितना नुकसान और होगा , उससे कहीं ज्यादा काला धन है ?
अगर सरकार ने काला धन खत्म भी कर दिया तो जब तक आर्थिक नुकसान ज्यादा हो चुका होगा |
क्या डुप्लीकेट करेंसी पर लगाम लग जायेगी ?
क्या आतंकवाद खत्म हो जायेगा ?
क्या देश कागजों व सोशल मीडिया पर बन रहा है ?
क्या हमारा पूरा देश करेंसी लेस व्यापार के लिए तैयार है ?
"जय कुमार "
आप सब अपनी राय जरूर व्यक्त करें !!