Tuesday, 11 April 2023

चापलूसों को अच्छा माना जाता है 
झूठों को ही सच्चा  माना  जाता है 
अंधेर  नगरी चौपट राजा  हो  तब  
लुच्चों को भी चच्चा माना जाता है 
 
"जय कुमार"

Monday, 10 April 2023

अधूरी ख्वाहिशें जिंदा रखती हैं

अधूरी  ख्वाहिशें  बस  मुझे  जिंदा रखती हैं 
मंजिलों की तड़प का इक मजा ही अलग है 
मौत  ही  तो  मुकम्मल  है आयेगी  इक दिन 
ना  मुकम्मल  हयात  का  मजा  ही अलग है 

"जय कुमार "

Sunday, 9 April 2023

मेरी आंख क्या लगी, रिश्ते औकात दिखाने लगे ।
कोई  कफन, ताबूत, कोई लकड़ियां  जुटाने लगे ।।

"जय कुमार"