Tuesday, 28 August 2018

जिंदगी   क्या  कटी   पतंग  है
प्रेम   की   गली  क्यों   तंग  है

चाहा   जिसे   वो  मिला  नहीं
दस्तूर   से   बंधा  वो   संग  है

वादों     इरादों       की    बातें
अहसास   सारे   क्यों  भंग  है

एक   अर्से   बाद   देखा   उसे
दिल में छिड़ी अजीब  जंग  है

गहरे    जख्म    खाये    उसने
दिखता नहीं  दिल  वो  अंग है

"जय कुमार "29/08/18



बेरहम बेबजह बदनाम न कर

मुहब्बत  को तू सरेआम न कर
वादों को अपने  गुमनाम न कर
बेकार के वहम  रहें  हैं  दिल में
बेरहम  बेबजह  बदनाम न कर

"जय कुमार "

Monday, 20 August 2018

कृष्णा

"हाइकू"

होंठ बाँसुरी
कानन हो कुंड़ल
मोहन मारो

गायन संग
वन में जो घूमत
माखन चोर

माखन चोर
गौवरधन धारी
कृष्ण मुरारी

रास रचाये
माखन चोरी खाये
मन मोहन

यशोदा प्यारो
नंदलाल कहायो
देवकी जायो

 
मन बसिया
रस रसिया कृष्ण
कण  कण में

कारे तन में
प्रेम को  है उजारो
बसा भक्ति में

मोर मुकुट
मुरली के धारक
कृष्ण हमारो

गीता का ज्ञान
करा कर्म का भान
जन सम्भारो

"जय कुमार"

Monday, 6 August 2018

हौंसलों  को  पर   दिया   करो
कभी  अपने  को  जिया  करो

जिंदगी   से  मुहब्बत  हो  गर
थोड़ी  थोड़ी   ही  पिया  करो

रंज  पाले   है   खूब   दिल  में
बेवजह  ही  हँस   लिया  करो

सुकूं  मिले  दिल  को  जिससे
काम  वो भी  कर  लिया करो

चिराग  अँधेरे  से  हारते  नहीं
एक चिराग जला  लिया करो

मौसम की  रवानी  को देखके
बूँदों  में  ही भीग  लिया  करो

दिल  दे  न   गवाही   यार  वो
काम  हरगिज  न  किया करो

इस  रंग  बदलती  दुनिया  में
एक पहचान बना लिया करो

इश्क  याद आये  महफिल में
अपने अश्क छुपा लिया करो

मुहब्बत  की गैरत  मर  जाये
जज्जवात  दबा  लिया  करो

गुलशन को  हो  जरुरत  तेरी
हँसते हुए  कुर्बानी दिया करो

सारे  गमों को कह अलविदा
जिंदा  दिली  से  जिया  करो

"जय कुमार"

Wednesday, 1 August 2018

मुहब्बत

मुहब्बत  का नूर  जब  गहरा देखोगे
शिद्दत  से  चाहने  पर  पहरा देखोगे
उल्फत की कहानी जब सामने होगी
मेरी  आँखों  में  ब  चेहरा  देखोगे

"जय कुमार "

मुझे  वक्त के  हाथ में  सौंपता  रहा
जहर मिला प्यार क्यों परोसता रहा
मैं साथ  चलने  को खड़ा होता रहा 
उस जज्बे को तू खंजर खौंपता रहा

"जय कुमार"