Mere Bhav
Thursday, 23 January 2025
उसूलों पर आये तो अड़ जाने का ।
खुद्दारी पर आये तो लड़ जाने का ।।
झूठो में गर सच के साथ रहना है ।
सच्चाई पर आये तो भिड़ जाने का ।।
"जय कुमार "
Tuesday, 14 January 2025
उनकी तरक्की देखकर हम हाथ मलते थे ।
किसी की तरक्की देखकर हम मचलते हैं ।
अहं में अकड़कर हम मतंग मदहोश चलते हैं ।
श्मशान में देखा जब जलती चिताओं को ,
फिर अपने हिसाब किताब पर हाथ मलते हैं ।।
"जय कुमार"
Saturday, 11 January 2025
मैंने जीवन उनके लहजे में जी लिया होता
उसकी मर्जी को उसूलों की तरह ही लिया होता
मुझपर भी बरसती फिर ये मेहरबानियां तेरी
जो सच न बोलता और होंठों को सी लिया होता
"जय कुमार "११/०१/२०२५
Tuesday, 7 January 2025
कमजोर था मजबूर था
कमजोर था मजबूर था फिर भी चलना हीं पड़ा
जमाने की चुनौतियों से फिर मिलना ही पड़ा
बैसाखियों के हाथ कब तक साथ निभाते मेरा
पत्थरों से भिड़ने के लिए पत्थर बनना ही पड़ा
"जय कुमार" ०७/०१/२०२५
हमसे खफा होते रहे
हमसे खफा होते रहे
हमसे जुदा होते रहे
हम इबादत करते गये
और वो खुदा होते रहे
"जय कुमार "
Sunday, 5 January 2025
जिंदगी को बिखरना है
जिंदगी को बिखरना है बिखर जाने दो
गमों को निखरना है निखर जाने दो
रंजिश है मेरी मेरे ही मुकद्दर से
गर नब्ज़ है तो नब्ज़ का असर जाने दो
"जय कुमार"
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