Mere Bhav
Sunday, 19 July 2020
अपना सपना बतलाता
तेरा दिल यूँ बहलाता
हलका पुलका कहलाता
केवल कहना मेरा यह
अपना हक क्यों जतलाता
Wednesday, 15 July 2020
मैं अमर हो जाऊँगा
एक अभिनय करके, मैं अमर हो जाऊँगा
जीवन के पथ चलके, मैं अमर हो जाऊँगा
नेक नियत साथ चला, राह भी तो साफ थी
इक धुर्व तारा बनके, मैं अमर हो जाऊँगा
"जय कुमार"16/07/2020
जिंदगी दगा भी दे नहीं कोई बात हो
शर्त यह है हाथ में दोस्त का हाथ हो
"जय कुमार"
मेरे खुदा मेरी इक अर्जी मंजूर कर ली जाए
दिन वो न आये कोई मेरे घर से खाली जाए
अपने पराये का भाव न आये कभी ख्वाव में
गलतफहमी कभी न अब दिलों में पाली जाए
"जय कुमार "
Tuesday, 14 July 2020
आज फिर रात रोते हुए गुजरी होगी
जमीं यादों की बर्फ आज पिगली होगी
बनाते रहे जिसको जज्वात के तिनकों से
वेहयाई के बबंडर से बिखरी होगी
"जय कुमार "14/07/20
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