वजूद जिससे वो बोझ लगने लगा है ! टहनियों को तना अब खलने लगा है !! उंगली पकड़ चलाया जिस बच्चे को , अपने पैरों पर अब वो चलने लगा है !!
"जय कुमार "
No comments:
Post a Comment