झूठ को चिल्लाने दो ईमान अभी बाँकी है । सच्चाई कहने को जुबान अभी बाँकी है । कातिल हौंसले पस्त नहीं होंगे हमारे , खून से सने जिस्म में जान अभी बाँकी है ।।
"जय कुमार"
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