कदम बढे की कायनात साथ देने लगे उलझी हयात को मुकम्मल बात देने लगे नियत नेक हो जब तमन्नाओं की चाहत में फरिश्ते फलक उस पार से हाथ देने लगे
"जय कुमार "08/07/2018
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