अपनी चौखट दीप जलाये, हमने आज हजार से मिट्टी दीपक खूब खरीदे , अबकी बार बाजार से जला पटाके मरे है पंक्षी, पर्यावरण हुआ प्रदूषित सुनना नहीं आज से हमको, अगले दिनों अखबार से
"जय कुमार"04/10/18
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