Wednesday, 7 July 2021

हर दर्द की जमाने में कहां दवा मिलती है
यार  के  जैसे  कहां  कोई अदा मिलती है
मुद्दते बीत गई झुर्रियों का बसेरा चेहरे पर 
मेरे जह्न से  उसकी  याद  जुदा नहीं होती 

"जय कुमार "

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