Monday, 10 April 2023

अधूरी ख्वाहिशें जिंदा रखती हैं

अधूरी  ख्वाहिशें  बस  मुझे  जिंदा रखती हैं 
मंजिलों की तड़प का इक मजा ही अलग है 
मौत  ही  तो  मुकम्मल  है आयेगी  इक दिन 
ना  मुकम्मल  हयात  का  मजा  ही अलग है 

"जय कुमार "

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