Saturday, 31 August 2024

चांद को खींचकर लाना आसान नहीं होता

चांद  को  खींचकर  लाना  आसान नहीं होगा 
पारा को ताप  से बचाना यूं आसान नहीं होगा 
तू जाता है हमें छोड़कर  ये होगा वक्त  रिवाज 
तेरी  मुहब्बत को  भुलाना  आसान नहीं होगा 

" जय कुमार "

No comments:

Post a Comment