Sunday, 6 July 2025

जो वादे किये थै सारे

जो  वादे  किये  थै  सारे वादे भुला दिए 
यादों  के  सारे  अपने  पुलिंदे जला दिए 
मेरे  पूरे  बाग  को उजाड़  कर चली गई 
केवल रक़ीब के तूने दो फूल खिला दिए 

*जय कुमार "


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