सख्त हालात में भी, रस्म ए मुहब्बत निभाता रहा
रेगिस्तान की धरती पर वफ़ा के फूल खिलाता रहा
सांसे उखड़ी थी ,,,,,अँधेरी रात में , आँधी शबाब पर
शीत लहर का कहर मैं आश का दीपक जलाता रहा
"जय कुमार "२०/११/१५
रेगिस्तान की धरती पर वफ़ा के फूल खिलाता रहा
सांसे उखड़ी थी ,,,,,अँधेरी रात में , आँधी शबाब पर
शीत लहर का कहर मैं आश का दीपक जलाता रहा
"जय कुमार "२०/११/१५
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