Monday, 9 November 2015

क्यों चल

क्यों चल रहे हो अकड़कर
कैंसे रहोगे,,,,,,, झगड़कर
सदियों से साथ,,, रहे हम
इक दूजे,,, हाथ पकड़कर

" जय कुमार "९/११/१५





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