Wednesday, 11 October 2017

आदिकाल  के अंत से , आया भक्तिकाल !
भक्ति भाव जो ना रखे , हो जाये  बेहाल !!
भक्ति करके जो चला , होता  माला  माल !
जिनके शब्द विरोध में , हो जाता कंगाल !!
"जय कुमार "

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