मौत से मिलकर भी लौट आता हो।
जिंदगी तेरा साथ जो निभाता हो।।
जिंदगी तेरा साथ जो निभाता हो।।
आसमान की ऊंचाई पर रहकर।
पैरों को अपने जमीं पर पाता हो।।
भरोसे की नींव भी
काँटों की बस्तियों मैं रोज रहकर।
फूलों की खुशबु बिखेर जाता हो।।
वादों के टूटने से टूटे कैंसे।
भरोसे के रिश्ते को जो निभाता हो।।
"जय कुमार "१८/०४/१८
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