Monday, 6 August 2018

हौंसलों  को  पर   दिया   करो
कभी  अपने  को  जिया  करो

जिंदगी   से  मुहब्बत  हो  गर
थोड़ी  थोड़ी   ही  पिया  करो

रंज  पाले   है   खूब   दिल  में
बेवजह  ही  हँस   लिया  करो

सुकूं  मिले  दिल  को  जिससे
काम  वो भी  कर  लिया करो

चिराग  अँधेरे  से  हारते  नहीं
एक चिराग जला  लिया करो

मौसम की  रवानी  को देखके
बूँदों  में  ही भीग  लिया  करो

दिल  दे  न   गवाही   यार  वो
काम  हरगिज  न  किया करो

इस  रंग  बदलती  दुनिया  में
एक पहचान बना लिया करो

इश्क  याद आये  महफिल में
अपने अश्क छुपा लिया करो

मुहब्बत  की गैरत  मर  जाये
जज्जवात  दबा  लिया  करो

गुलशन को  हो  जरुरत  तेरी
हँसते हुए  कुर्बानी दिया करो

सारे  गमों को कह अलविदा
जिंदा  दिली  से  जिया  करो

"जय कुमार"

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