"हाइकू"
होंठ बाँसुरी
कानन हो कुंड़ल
मोहन मारो
गायन संग
वन में जो घूमत
माखन चोर
माखन चोर
गौवरधन धारी
कृष्ण मुरारी
रास रचाये
माखन चोरी खाये
मन मोहन
यशोदा प्यारो
नंदलाल कहायो
देवकी जायो
मन बसिया
रस रसिया कृष्ण
कण कण में
कारे तन में
प्रेम को है उजारो
बसा भक्ति में
मोर मुकुट
मुरली के धारक
कृष्ण हमारो
गीता का ज्ञान
करा कर्म का भान
जन सम्भारो
"जय कुमार"
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