1
हथियार भंग है
जिंदगी भी तंग है
मानव की परीक्षा
अदृश्य से जंग है
2
इंसान खडा है
मौत से अड़ा है
अंधेरा ही सही
दीप तो लड़ा है
3
दुश्मन भी सख्त है
साहस का वक्त है
रुकता नहीं कभी
आदमी का रक्त है
4
घर इक ठिकाना है
बाहर न जाना है
हम सबको मिलकर
कोराना हराना है
"जय कुमार "
02/04/20
No comments:
Post a Comment