Thursday, 2 April 2020

         1
हथियार  भंग  है
जिंदगी भी तंग है
मानव की परीक्षा
अदृश्य  से जंग है
           2
इंसान  खडा है 
मौत से अड़ा है
अंधेरा ही  सही
दीप तो लड़ा है 
          3
दुश्मन भी सख्त है
साहस का वक्त है
रुकता नहीं  कभी
आदमी का रक्त है
           4
घर इक ठिकाना है
बाहर  न  जाना  है
हम सबको मिलकर
कोराना   हराना  है

"जय कुमार "
02/04/20








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