Wednesday, 15 April 2020

खारों के  साथ चलना सीख  लिया हमने 
मुश्किल के साथ रहना सीख लिया हमने 
तूफान  हो  रवानी  पर या  हो  काल वार 
हिम्मत से आगे  बढ़ना सीख लिया हमने 

लहरों का  कहर  कस्ती को बढ़ाना होगा
भँवर  के  साथ  जान  को  लड़ाना होगा
पतवार  टूटे  चाहे  छेद हो जाये कस्ती में 
साहिल तक  कारवां  को  पुहुंचाना होगा

रेगिस्तान  का  ताप  जला न  पायेगा हमें 
आकाश  का  रुधन  रुला  न  पायेगा हमें
हम मतवाले जिंदगी के, डर  हमको कहाँ 
जलजला थरा  का  हिला न  पायेगा  हमें

"जय कुमार"

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