Mere Bhav
Thursday, 6 August 2020
रुकने का
रुकने का कोई नाम न हो
थकने का कोई काम न हो
टूट जाये जो महफिल में
ऐसा कोई अब जाम न हो
"जय कुमार" 07/08/20
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment