Thursday, 25 November 2021

जिंदगी  क्या  कटी  पतंग  बनकर रह गई 
सांसों  की  गली  क्यों तंग बनकर रह गई
जो  वादे  किये  थे  खुदसे   नाकाफी  रहे
हर कदम क्या मंजिल ज॔ग बनकर रह गई 

"जय कुमार "25/11/21

No comments:

Post a Comment