Mere Bhav
Tuesday, 1 April 2025
डर जाये वह हस्ती कैंसी
डर जाये वह हस्ती कैंसी
लुट जाये वह बस्ती कैंसी
तूफ़ानों का जोर बहुत हो
डूब जाये वह कश्ती कैसी
"जय कुमार"
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