Sunday, 15 June 2025

मुकम्मल हूं जिनसे उनका

मुकम्मल हूं जिनसे उनका ही ईमान  लिए बैठे हैं 
सबकुछ है उनका जो हम आसमान  लिए बैठे है
मंदिर,   मस्ज़िद, चर्च   गुरुद्वारा  में  ढूंढने  वालों 
घर में ही मां बाप के रूप में भगवान लिए बैठे है 

"जय कुमार "🙏🙏१६/०/२५

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