Mere Bhav
Sunday, 1 June 2025
साथ रहकर भी साथ रहने न
साथ रहकर भी साथ रहने न दिया
नम आंखों से आंसू गिरने न दिया
सोचता था कि प्रेम जितेगा मगर
क्रूर नियति ने हमको मिलने न दिया
"जय कुमार "
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