व्यापम व्यापम हो गया , अब सारा भोपाल ।
विधान सभा चली नहीं ,,,, सारी काली दाल ।
सारी काली दाल ,,,,,,, धूम धड़ाके बिक गई ।
बिछे मौत के जाल ,,, फँसके साँस रुक गई ।।
विधान सभा चली नहीं ,,,, सारी काली दाल ।
सारी काली दाल ,,,,,,, धूम धड़ाके बिक गई ।
बिछे मौत के जाल ,,, फँसके साँस रुक गई ।।
"जय कुमार"20/07/15
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