मेरे हँसने का सबब पूछते हो ,
क्या फिर नया रुलाने का वादा है ।
बड़े अदब से पेश आते हो दोस्त ,
क्या कोई जख्म देने का इरादा है ।।
क्या फिर नया रुलाने का वादा है ।
बड़े अदब से पेश आते हो दोस्त ,
क्या कोई जख्म देने का इरादा है ।।
"जय कुमार "21/07/15
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