Thursday, 21 July 2016

हर खुशी गम

हर खुशी गम का सच्चा साथी यार होता है
अनकहा अनसुना एक सच्चा प्यार होता है

कड़ी धूप में छांव बन , साथ रहता वो दोस्त
गिले सिकवे से परे खुशी का संसार होता है

हर राज का राजदार ,,,, बनता रहे वो दोस्त
गम एक भी नहीं खुशियां ,,,,,, हजार होता है

गमों के बादल या ,,,,,,, दुर्गम रास्ते हों हजार
साथ हो दोस्त पतझड़ में भी,बहार होता है

सच्चे दोस्त को कभी ,,,,,,, खोना न मेरे यारों
जिंदगी में यह मोतियों का ,,,,,,,,, हार होता है

सारे रिश्ते होते है जमाने के ,, अलग अलग
दोस्त सारे रिश्तों का ,,,,,,, उपसंहार होता है

"जय कुमार"22/07/16





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