दिन व रात संबध है घनिष्ट बाद एक के
मिलन बाद जुदाई का मौसम रीत पुरानी
तम घनेरा उजाले का सूचक डरना कैंसा
प्रकाश मिला अपने ही आपसे तम को जीत
"जय कुमार"
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