Monday, 19 June 2017

मुझे बोझ मत समझ हयात तू
मुकाम आते  ही उतर जाऊंगा

आईना  बन   रहा  हूं   सदियों
ठोकर  लगते  बिखर  जाऊंगा

जिंदगी  तेरे  साथ  चल रहा हूं
छोडेगी   तो   किधर   जाऊंगा

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