Saturday, 17 May 2025

आंसुओं की रीत

आंसुओं की रीत न समझे 
प्रीत  का  संगीत न समझे
हार जीत के भंवर फंसा है 
हार की वो जीत न समझे 

"जय कुमार "17/0/25

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