जबसे तूने दिल के दरवाजे पर दस्तक दी है
बेसुद होकर हमने तेरी,, बस बन्दगी की है
हम मौत के करीबी थे,, यम यार था हमारा
सांस में रहा तु इक ,,,,, तेरी ही जिंदगी जी है
नशे में हूं मैं कहता अब ये कमबख्त जमाना
तेरी मोहब्बत कि हमने ,,,जबसे शराब पी है
दुश्मन बनी ये दुनिया धूप ही धूप मिली मुझे
तेरे साथ जीने मरने की , जबसे कसम ली है
"जय कुमार"२५/०३/१६
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