नजरिया जिनका जैसा है , उनको वैसा ही दिखता है दिल और दिमाग जो कहता , गीत वैसे ही लिखता है यूं तो हजारों मिलेंगे हमको कलम के जादूगर कबीरा एक नहीं दिखता , जो फकीरी में लिखता है
"जय कुमार "१०/०७/१७
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