Sunday, 9 July 2017

नजरिया जिनका जैसा है , उनको वैसा ही दिखता है
दिल और दिमाग जो कहता , गीत वैसे ही लिखता है
यूं   तो   हजारों  मिलेंगे  हमको   कलम  के   जादूगर
कबीरा एक नहीं दिखता , जो   फकीरी  में लिखता है

"जय कुमार "१०/०७/१७

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