Wednesday, 1 January 2014

आज नया वर्ष है

आज नया वर्ष है आया नये संकल्प है लाया
क्या खोया अब तक हमने और क्या है पाया
करले अपनी ही खोज खबर इस अवसर पर,
अपने अंदर सोचने का ये एक मौका है आया

क्या दे पाये हम समाज को क्या हमने पाया
क्या समझ पाये हम क्या हमने है समझाया
समय कह रहा आज फिर अपने अंदर झांक ,
किसको अपना माना हमने किसको पराया

पिछले से कुछ सीखे आगे की करले तैयारी
समय के साथ चले समय की है चाल निराली
आज नया कल पुराना हो जायेगा यह पल भी
वर्त्तमान और भूत की यह बिडंबना है सारी

पल पल काल के करीब जा रहा यह जीवन
पल पल सांसे कम होती जाती तेरी जीवन
तेल ख़त्म होने को है अब बत्ती जलने लगी ,
मस्ती में डूबा है अपनी ओर भी देख जीवन

जो बीत चुका कल था अब आंगे की बात करें
जो हुआ उसको छोड़े भविष्य़ का श्रृंगार करें
ऐंसा मन पावन हो जाये पुष्पों से खिल जाये , 
अपने की परवाह न हो ओरो कि परवाह करें  

" जय  कुमार "

नव वर्ष की सभी सम्मानीय मित्रों को
मंगलकामनाये ,शुभकामनाये
यह वर्ष आपके जीवन में नई ऊर्जा
लाये .... सादर नमन …


  
  

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