मुफलिसी के मारे समाज से है उप्रेक्षित ,
प्यार से मजलूमों को गले लगाया जाये ।
प्यार से मजलूमों को गले लगाया जाये ।
जमाने ने जिसे कीचड़ कह ठुकरा दिया ,
इस कीचड़ में एक कमल खिलाया जाये ।
चेहरे की झुर्रियाँ गहरी हो गई अब यारो ,
बिछड़ी हुई उन खुशियों से मिलाया जाये ।
सदियों से जाग रहे जो सपनो से मिलने ,
ख्वावो को हकीकत करके मिलाया जाये ।
तंग दिल कब तक रहेंगे हम दुनिया में ,
दिलों की दीवारों को अब हटाया जाये ।
टूटे दिल रो भी ना पाये एक अरसे से ,
रख हाथ उनके कँधों पर रुलाया जाये ।
तेरे मेरे अक्स में फर्क ना किया रब ने ,
भेद भाव की मीनारों को गिराया जाये ।
काँटों की सौबत में काँटे आये है हिस्से ,
महकते फूलों से अब घर सजाया जाये ।
नफरत की आग बहुत जल चुकी यारो ,
वक्त कह रहा प्रेम का गीत गाया जाये ।
"जय कुमार"20/10/14
इस कीचड़ में एक कमल खिलाया जाये ।
चेहरे की झुर्रियाँ गहरी हो गई अब यारो ,
बिछड़ी हुई उन खुशियों से मिलाया जाये ।
सदियों से जाग रहे जो सपनो से मिलने ,
ख्वावो को हकीकत करके मिलाया जाये ।
तंग दिल कब तक रहेंगे हम दुनिया में ,
दिलों की दीवारों को अब हटाया जाये ।
टूटे दिल रो भी ना पाये एक अरसे से ,
रख हाथ उनके कँधों पर रुलाया जाये ।
तेरे मेरे अक्स में फर्क ना किया रब ने ,
भेद भाव की मीनारों को गिराया जाये ।
काँटों की सौबत में काँटे आये है हिस्से ,
महकते फूलों से अब घर सजाया जाये ।
नफरत की आग बहुत जल चुकी यारो ,
वक्त कह रहा प्रेम का गीत गाया जाये ।
"जय कुमार"20/10/14

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