Tuesday, 14 October 2014

किसी का गीत

Jay Kumar Jain
किसी का गीत बन जाता ।
किसी का मीत बन जाता ।
साथ जो तेरा मिलता यार ,
किसी की जीत बन जाता ।।
किसी साजन से मिल जाता ।
किसी आँगन में खिल जाता ।
मजबूर ना होता जीवन जो ,
किसी दामन में पल जाता ।।
किसी की साँसोँ में पलता ।
किसी की बातों में खिलता ।
अभिप्रेरणा जो तू बन जाता
किसी की राहों पे चलता ।।
किसी की प्रीत बन जाता।
किसी की रीत बन जाता।
तू स्वर अगर बनता तो ,
किसी का संगीत बन जाता।

"जय कुमार"14/10/14

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