Mere Bhav
Wednesday, 31 December 2014
सड़क किनारे पड़ा वो काँपता रहा ।
आता जाता हर शख्स झाँकता रहा ।
सुबह - सुबह शोरगुल काफी हुआ ,
रात भर उसपे मौसम नाँचता रहा ।।
"जय कुमार"
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